Formal और Informal Letter में क्या अंतर है?औपचारिक और अनौपचारिक पत्र में क्या अंतर है?What is the Difference between Formal and informal letter in Hindi?
Hello Friends, आज इस पोस्ट में आपको हम बताएंगे कि Formal ओर Informal letter मैं क्या अंतर है या औपचारिक और अनौपचारिक पत्र में क्या अंतर है जैसा कि आप जानते हैं कि काफी लोगों को पत्र लिखते वक्त काफी दिक्कत होती है उन्हें formal या informal लेटर मैं अंतर ना पता होने के कारण स्कूल या कॉलेज में काफी दिक्कत आती है कि Formal लेटर लिखे हैं या Informal लिखें यहां तक की इस परेशानी का सामना उन्हें स्कूल या कॉलेज की होने वाली वार्षिक परीक्षाओं में भी करना पड़ता है खासकर हिंदी और अंग्रेजी विषय में क्योंकि ऐसे विषयों में सही Format ना लिखने पर नंबर काट लिए जाते हैं तो ऐसे में दोस्तों फॉर्मल लेटर और इनफॉरमल लेटर मैं अंतर के साथ-साथ आपको Format of Formal & Format of Informal letter भी पता होना चाहिए।
Formal Letter ( औपचारिक पत्र ) क्या है ?
Formal Letter या औपचारिक पत्र वे होते हैं जो किसी व्यवसायिक उद्देश अथवा किसी कार्य संबंधी लिखा गया पत्र हो जैसे-
- प्रार्थना पत्र
- आवेदन पत्र
- शिकायत पत्र
- सिफारिश पत्र
- जांच पत्र
आदि, औपचारिक पत्र के अंतर्गत आते हैं औपचारिक पत्र लिखते वक्त आपको कुछ जरूरी बातें पता होनी चाहिए जैसे यह पत्र सीधे बिंदु पर होनी चाहिए, किसी प्रकार की व्याकरण त्रुटि नहीं होनी चाहिए, अनावश्यक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए अगर शिकायती पत्र है तो विनम्र भाषा में प्रस्तुत होना चाहिए, औपचारिक पत्र में उद्देश्य से जुड़ी बातें ही होनी चाहिए।
Informal Letter ( अनौपचारिक पत्र ) क्या है?
ऐसे पत्र जो किसी व्यक्ति विशेष के लिए लिखा गया हो या फिर किसी ऐसे व्यक्ति के लिए जिससे हमारे इनफॉरमल रिलेशन हो जिसे हम अच्छे से जानते हो।इसमें कुछ इस प्रकार के पत्र होते हैं जैसे-
- आमंत्रण पत्र
- बधाई पत्र
- शोक पत्र
- सलाह हेतु पत्र
- निजी जानकारी हेतु पत्र
आदि ,यह पत्र हम अपने माता-पिता,भाई-बहन,रिश्तेदारों मित्र आदी को लिखते हैं।
Formal और Informal Letter मैं क्या अंतर है?
Formal Letter [औपचारिक पत्र] | Informal Letter [अनौपचारिक पत्र] |
---|---|
औपचारिक पत्र व्यवसायिक संचार के लिए लिखे जाते हैं! | अनौपचारिक पत्र निजी एवं व्यक्तिगत संचार के लिए लिखे जाते हैं! |
यह संक्षिप्त में लिखा होना चाहिए! | यह संक्षिप्त या बड़ा हो सकता है! |
यह व्याकरण त्रुटियां से मुक्त होना चाहिए! | इसमें त्रुटियां मांफ होती है! |
इसमें सरल एवं कार्य से जुड़ी बात लिखी होनी चाहिए! | इसमें अनावश्यक बातें भी कई बार लोग लिख देते हैं! |
You can message me but Please do not post any spam link in this comment section. Thanks for reading my blog