जनसंख्या की समस्या निबंध - Essay on population in hindi


           *जनसंख्या की समस्या*

निबंध- संकेत( रूपरेखा)-- प्रस्तावना ,देश की प्रगति में बाधक, प्रचलित अंधविश्वास ,आर्थिक विकास में बाधा, रोकथाम के प्रयास, उपसंहार।
जनसंख्या की समस्या निबंध - Essay on population in hindi



 प्रस्तावना- यह विश्व अनेक समस्याओं का घर है इस पृथ्वी पर कुछ देश ऐसे हैं जहां लोगों को संतानोत्पत्ति के लिए प्रेरित किया जाता है तो कुछ ऐसे हैं जहां कम  संतान पैदा करने के लिए हजारों  प्रयत्न किए जा रहे हैं भारत उन देशों में से एक है जहां सरकार जन्म दर घटाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है।

 देश की प्रगति में बाधक-- जनसंख्या वृद्धि के कारण अनेक समस्याएं हमारे देश के सामने आ खड़ी हुई हैं जनसंख्या से ही बेरोजगारी जैसी समस्या पैदा हो रही है जिससे युवा रास्ता भटक रहे हैं और अहिंसा का रास्ता  अपना रहे हैं यह किसी भी देश की प्रगति में बाधक है इसका प्रभाव देश के लोगों के जीवन-स्तर पर पड़ता है राष्ट्रीय आय का एक बहुत बड़ा भाग जनसंख्या पर खर्च हो जाता है।


 प्रचलित अंधविश्वास-- भारत में जनसंख्या की वृद्धि के अनेक कारण हैं सर्वप्रथम कारण लोगों का अशिक्षित होना है। अशिक्षित लोगों का मानना है कि संतान ईश्वर की देन है। ईश्वर ने ही उन्हें पैदा किया है और वही उन्हें खाने के लिए भी देगा। दुसरा मुख्य कारण है लड़के की चाहत।  हमारे समाज में आज भी लड़के के जन्म पर खुशियाँ मनाई जाती है और लड़की के जन्म पर घर में मातम छा जाता है। लोग लड़के की चाहत में तब तक बच्चे पैदा करते रहते है जब तक लड़का पैदा नहीं हो जाता। लोगों का विश्वास है  कि  लड़के से ही वशं-वृद्धि होती है और वही बुढ़ापे में उनका सहारा बनता है। 


आर्थिक विकास में बाधा --भारत की अनेक समस्याओं में जनसंख्या की समस्या अत्यंत विकराल है।  स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद केवल इसी समस्या के कारण भारतवर्ष में गरीबी,बेरोजगारी तथा अन्य समस्याएँ आज तक सुलझ नहीं सकी हैं। 100 करोड़ से भी अधिक जनसंख्या के कारण देश के आर्थिक विकास में बाधा पहुँच रही है। वर्तमान युग में बढ़ती आबादी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। 

रोकथाम के प्रयास -- जनसंख्या की इस वृद्धि के कारण देश की आर्थिक प्रगति में बाधा पड़ती है। यहाँ की आर्थिक व्यवस्था कृषि पर आधारित है।  इतनी तेजी से बढ़ती जनसंख्या का पोषण करने में हमारी खेती समर्थ नहीं है। सरकार ने उद्योग -धंधों का जाल बिछाकर इस समस्या का हल खोजने में महत्वपूर्ण कदम उठाया है,  परतुं जनसंख्या की वृद्धि के अनुपात में प्रगति नगण्य मालूम होती है। 


उपसंहार --जनसंख्या की वृद्धि पर रोक लगाना अनिवार्य है। सरकार ने इस दिशा में बहुत प्रयास किया है।  जनसंचार मखध्यमों तथा समाज सेवी संस्थाऔं के माध्यम से परिवार नियोजन का व्यापक प्रचार किया जा रहा है।  लोगों को यह समझाया जा रहा है कि लड़की भी लड़के के समान ही बुढ़ापे का सहारा बन सकती है तथा लड़कियां हर वह कार्य कर सकती है  जो लड़के कर सकते हैं ।जनसंख्या का सबसे उत्तम उपाय जनजागृति एवं जन आंदोलन है। 




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